प्राचीन शिव स्वरोदय का ज्ञान

रोज़ 21,600 साँसें।

पर क्या कभी गौर किया, अभी आपकी कौन सी नाक से साँस चल रही है?

हर साँस दो में से एक रास्ते पर चलती है

☀ दाईं नाक

सूर्य स्वर

गर्मी, तेज़ी और हिम्मत। Deal, खरीद-बिक्री और मेहनत वाले काम।

☾ बाईं नाक

चंद्र स्वर

ठंडक, शांति और स्थिरता। रिश्ते, नई शुरुआत और पढ़ाई।

सही स्वर में शुरू किया काम, आसानी से बनता है।

एक प्राचीन संवाद

यही विद्या भगवान शिव ने माता पार्वती को सिखाई थी।

ग्रंथों में इसे शिव स्वरोदय कहा गया। हज़ारों साल पुराना यह ज्ञान, अब आसान Hindi में, आपके phone पर।

E-book · 267 पन्ने · आसान Hindi

स्वर विज्ञान

अपनी साँस को पहचानिए, और हर काम सही समय पर कीजिए। Business, शादी, meeting, सुबह की शुरुआत, सबके लिए सही स्वर।

₹399 ONE-TIME · तुरंत PDF

प्राचीन शिव स्वरोदय का ज्ञान

स्वर विज्ञान

रोज़ 21,600 साँसें। हर साँस में छुपा है सही समय का राज़।

₹399 ONE-TIME · तुरंत PDF

BusinessशादीMeetingसुबह की शुरुआत

क्या ये आपकी कहानी है?

मेहनत पूरी करते हैं, फिर भी काम आखिरी मोड़ पर अटक जाता है?

लकड़ी के गल्ले में पैसे डालता हाथ
Business

दुकान खुली है, ग्राहक नहीं।

पैसा आता है, पर टिकता नहीं। हर महीना पिछले जैसा।

विवाह में दूल्हा-दुल्हन के हाथ
शादी

रिश्ते आते हैं, बात पक्की नहीं होती।

सब अच्छा लगता है, फिर भी आखिर में "ना" आ जाता है।

Office में interview देती युवती
Meeting · Interview

तैयारी पूरी, फिर भी बात नहीं बनी।

सामने वाला मान ही नहीं रहा, चाहे कितना भी समझा लो।

Tension में सिर पकड़कर बैठा युवक
रोज़ की ज़िंदगी

सुबह से ही मन भारी।

दिन की शुरुआत गलत हुई, तो पूरा दिन उलझा रहता है।

हमारे ऋषि कहते थे, समय सही हो तो आधा काम अपने आप बन जाता है। और वो सही समय आपकी साँस बताती है।

पहाड़ों के बीच पानी पर ध्यान में बैठा साधक, सातों चक्र चमकते हुए

शिव और पार्वती का संवाद

जिस ज्ञान को शिव जी ने सबसे गुप्त कहा

शिव स्वरोदय ग्रंथ भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद के रूप में है। पार्वती पूछती हैं, और शिव जी बताते हैं कि साँस का बहाव पहचानने वाला इंसान हर काम का सही समय पहचान लेता है।

पुराने समय में राजा युद्ध से पहले, व्यापारी सौदे से पहले और परिवार शुभ काम से पहले यही देखते थे: अभी कौन सा स्वर चल रहा है?

धरनि टरैं गिरिवर टरैं, ध्रुव टरैं सुन मीत।
वचन स्वरोदय ना टरैं, कहें दास रणजीत॥

मतलब: धरती हिल जाए, पहाड़ हिल जाएँ, ध्रुव तारा भी अपनी जगह छोड़ दे, पर स्वरोदय की बात नहीं टलती।

दास रणजीत का दोहा · BOOK का पेज 9

30 सेकंड का test

अभी आपका कौन सा स्वर चल रहा है?

अभी, इसी पल, यह जाँचिए। फिर देखिए कि book के हिसाब से इस समय कौन से काम आपके लिए सबसे अच्छे हैं।

नाक के नीचे हथेली रखकर साँस का बहाव जाँचती महिला
  1. 01हथेली या उँगली नाक के ठीक नीचे रखें।
  2. 02मुँह बंद रखकर, धीरे से 3 बार साँस बाहर छोड़ें।
  3. 03महसूस करें, किस नाक से हवा ज़्यादा आ रही है।

हवा किस तरफ से ज़्यादा आई?

ऊपर से अपना जवाब चुनिए, आपका नतीजा यहाँ दिखेगा।

Book से 4 झलकियाँ

स्वर से बिगड़ा काम बनाने के 4 तरीके

ये सिर्फ शुरुआत है। हर तरीके की पूरी विधि, दिशा, कदमों की गिनती और सही दिन, book में विस्तार से है।

सुबह बगीचे में योग और ध्यान करते लोग

01 सुबह की शुरुआत

दिन ऐसे शुरू करें कि पूरा दिन आपके साथ चले

Book कहती है

सूर्योदय से 30 मिनट पहले उठें। बिस्तर पर बैठकर देखें कौन सी नाक चल रही है, और उसी तरफ का पैर पहले ज़मीन पर रखें। साथ में "सोहम्" बोलें।

किस स्वर में किस दिशा में कितने कदम चलें, पूरी तालिका: पेज 89

Business deal के बाद हाथ मिलाते दो लोग

02 Business और पैसा

Business नहीं चल रहा? शुरुआत का स्वर बदलिए

Book कहती है

दुकान या office में घुसते समय चंद्र स्वर हो, और बायाँ पैर पहले रखें। पर खरीद-बिक्री और deal के लिए सूर्य स्वर को अनुकूल कहा गया है।

धीमे business के लिए पारंपरिक यंत्र, रुके काम की नई शुरुआत और धन-संचय की विधि: पेज 112 से 114

पारंपरिक कपड़ों में मुस्कुराता हुआ जोड़ा

03 शादी और रिश्ते

रिश्ते की बात बनानी है? चंद्र स्वर में मिलिए

Book कहती है

जीवनसाथी से पहली मुलाकात के लिए परंपरा चंद्र स्वर को सबसे अनुकूल मानती है। मिलने की जगह पहुँचते समय बायाँ स्वर चले, तो इसे सुखद रिश्ते का संकेत कहा गया है।

विवाह, पाणिग्रहण और दाम्पत्य में स्वर: पेज 100, 101 और 165

गोल मेज़ पर meeting करते लोग

04 Meeting और बातचीत

जिससे बात मनवानी है, उसे अपने स्वर की तरफ बिठाइए

Book कहती है

निकलने से पहले, अंदर आती साँस के साथ उस व्यक्ति को 27 बार याद करें। बाहर पहला कदम चलते स्वर वाली तरफ का रखें, और बात की शुरुआत उसी स्वर में करें।

Meeting, interview और समझौते की पूरी विधि: पेज 115 से 118

Book के अंदर

पहली साँस से पूरी दिनचर्या तक, सब कुछ

हर पन्ने पर साफ़ heading, आसान भाषा और सुंदर चित्र। मूल श्लोक भी साथ में, और उनका सीधा मतलब भी।

267पन्ने
150+रंगीन चित्र
9स्वर बदलने के उपाय
7चक्र
5तत्त्व
6स्वर की अवस्थाएँ
स्वर की पहचानस्वर-काल निर्धारणस्वर कैसे बदलेंदैनिक जीवन में स्वरविवाह और संस्कारधन और व्यापारMeeting और interviewपंचतत्त्वचक्र और नाड़ीमुद्राएँस्वास्तिक के रूपस्वास्थ्य और स्वर

हर स्वर में बहते हैं पाँच तत्त्व

अभी कौन सा तत्त्व चल रहा है, यह भी पहचानना सीखिए

सूर्योदय में पुराना विशाल पेड़

पृथ्वी

स्थिरता का आधार

चाँदनी रात में शांत पानी और कमल

जल

जीवन का प्रवाह

अंधेरे में जलती आग

अग्नि

परिवर्तन का तेज

बादलों के ऊपर बहती हवा की लहरें

वायु

प्राणों की गति

तारों भरा अनंत आकाश

आकाश

अनंत का विस्तार

स्वर विज्ञान · पूरी e-book (PDF)

शिव जी का दिया ज्ञान, आज आपके हाथ में

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एक बार दीजिए, हमेशा के लिए आपकी। कोई subscription नहीं।

  • 267 पन्नों की पूरी book, आसान Hindi में
  • Payment होते ही PDF download
  • Phone, tablet, laptop, किसी पर भी पढ़ें
  • 150+ रंगीन चित्र, हर विधि समझाने के लिए
  • Business, शादी, meeting, सेहत, सबके लिए स्वर
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आपके सवाल

खरीदने से पहले, ये जान लीजिए

Book मुझे कैसे मिलेगी?

Payment होते ही आपको PDF download का link मिल जाता है। उसे phone, tablet या laptop, किसी पर भी खोलकर पढ़ें।

क्या पहले से योग या ध्यान आना ज़रूरी है?

नहीं। Book बिल्कुल शुरुआत से समझाती है: नाक के नीचे हथेली रखकर स्वर पहचानने से लेकर पूरी दिनचर्या तक।

Book किस भाषा में है?

सरल Hindi में। मूल श्लोक और दोहे भी साथ में दिए गए हैं, और हर एक का आसान मतलब भी।

क्या इससे हर काम की 100% guarantee है?

सच बताएँ तो नहीं, और जो ऐसी guarantee दे, उस पर भरोसा मत कीजिए। यह हमारी प्राचीन परंपरा का ज्ञान है, जो आपको सही समय पहचानना और शांत, सजग मन से काम करना सिखाता है। मेहनत आपकी, सही समय की समझ इस book की।

क्या यह medical इलाज की जगह ले सकती है?

नहीं। Book में सेहत से जुड़ी पारंपरिक बातें हैं, पर किसी भी बीमारी में doctor की सलाह ज़रूरी है।

₹399 एक बार देना है या हर महीने?

सिर्फ एक बार। कोई subscription नहीं, कोई छुपा charge नहीं।

इड़ा और पिंगला जहाँ मिलती हैं, वहीं से शुरुआत होती है

अगली साँस से शुरुआत कीजिए।

जो ज्ञान शिव जी ने पार्वती को दिया, वो आज ₹399 में आपके phone पर।

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